खान सर की सफलता की कहानी : ₹400 के कमरे से करोड़ों दिलों तक का सफर! जानिए Khan Sir Patna की अनसुनी कहानी ​ परिचय या जानकारी जब भी देश के सबसे लोकप्रिय, अनोखे और पसंदीदा शिक्षकों की बात होती है, तो 'खान सर' (Khan Sir) का नाम सबसे ऊपर आता है। अपनी ठेठ बिहारी बोली, गजब के सेंस ऑफ ह्यूमर और सबसे कठिन-से-कठिन टॉपिक को चुटकियों में समझा देने वाले अंदाज़ के कारण वे आज देश के कोने-कोने में मशहूर हैं। ​यूट्यूब पर करोड़ों सब्सक्राइबर्स और क्लासरूम में हजारों छात्रों के बीच छाए रहने वाले खान सर का असली नाम क्या है? उन्होंने अपना सफर कैसे शुरू किया और कैसे वे देश के सबसे सस्ते और बेहतरीन कोचिंग देने वाले शिक्षक बने? आइए जानते हैं खान सर की पूरी कहानी। ​1. शुरुआती जीवन और संघर्ष (Early Life & Background) ​खान सर का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। ​पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता सेना में थे और भाई भी भारतीय सेना में कार्यरत हैं। देश सेवा का यह जज्बा खान सर में भी बचपन से था। ​सेना में जाने का सपना: खान सर भी एनडीए (NDA) के ज़रिए सेना में शामिल हो...

तुलसीदास जी (साहित्य व जीवन परिचय)

 तुलसीदास (1532 -1623)

1.तुलसीदास का जन्म सन 1532 ई.मे राजापुर गांव (बांदा जिला,उत्तर प्रदेश) में हुआ।

2.तुलसीदास की मृत्यु सन 1623 ईसवी काशी में हुई। 3.तुलसीदास के गुरु नरहरिदास था।

3. तुलसीदास ने सन 1574 ईसवी अयोध्या में 'रामचरित्- मानस की रचना प्रारंभ की जो 2 वर्ष 7 माह से पूर्ण हुई।

4. तुलसीदास लोकमंगल की साधना के कवि माने जाते हैं।

5.राम चरित् मानस हिंदी का श्रेष्ठ महाकाव्य माना जाता हैं।6.रामचरितमानस की रचना दोहा-चौपाई शैली में हुई(भाषा अवधि है)

7.विनय पत्रिका में विनय और आत्मनिवेदन के पद हैं।

8.नाभादास ने तुलसी दास को 'कलिकाल का वाल्मीकि' कहां हैं।

9. ग्रियर्सन ने-तुलसीदास को बुद्धदेव के बाद सबसे बड़ा लोकनायक बताया हैं।

10. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहा-भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधि कवि तुलसी ही हैं।

11. विसेंट स्मिथ ने कहा- तुलसीदास मुगल काल का सबसे बड़ा आदमी था।

12.आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा-भारतवर्ष का लोकनायक वही हो सकता है जो समन्वय करने की अपार धैर्य लेकर आया हो।

13.रहीम के आग्रह पर तुलसीदास ने 'बरवै-रामायण' की रचना की।

14.तुलसीदास ने हनुमान बाहुक ग्रंथ असह्य- पीड़ा निवारण के लिए लिखा।

15.तुलसीदास ने रामचरित कथा को सर्वप्रथम रसखान को सुनाया था।

16.तुलसीदास भक्तिकाल के सगुण परम्परा के प्रमुख रामभक्त कवि माना जाता है।

17.रामचरित्र मानस उत्तरी भारत की जनता के बीच बहुत लोकप्रिय हुआ।

18. तुलसीदास का अवधी और ब्रज दोनों भाषाओं पर सम्मान अधिकार था।

19. तुलसीदास की प्रमुख रचना विनयपत्रिका,कवितावली और कृष्ण गीतावली ब्रज भाषा में रचित हैं।

20. तुलसीदास की रचना-विनय पत्रिका यह पद हैं जिनमें विनती की गई हैं।

21.अमृतलाल नागर द्वारा रचित 'मानस का हंस' रचना तुलसीदास जी के जीवन पर आधारित रचना है मे इकतीस अध्याय हैं।

22. जयशंकर प्रसाद ने तुलसीदास के बारे मे लिखा कि उन्होने मानवता को सदय राम का रूप दिखाया।

23. 'मूल गोसाई चरित्र' तुलसीदास के जीवन पर आधारित रचना के रचनाकार बेनी माधव दास हैं।

24.रामाज्ञा प्रश्न की रचना तुलसीदास ने पंडित गंगाराम के अनुरोध पर की थी।

25.तुलसी दास की अक्षय कीर्ति का आधार ग्रंथ रामचरितमानस  को माना जाता हैं।

         शंकरनाथ,हनुमानगढ (राज.)

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